कट सकते हैं 64 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम

नारनौल, 27 जुलाई|

चुनाव आयोग द्वारा जिले में करवाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) में घर-घर सर्वे और डेटा सत्यापन में जिले के 64,103 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो अपने पते पर मौजूद नहीं मिले या जिनकी मृत्यु हो चुकी है अथवा कहीं दूसरे स्थान पर बस चुके हैं या फिर जिनके नाम  मतदाता सूची में दो-दो जगह दर्ज मिले हैं|

लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने बताया कि मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आगामी 31 जुलाई को ‘ड्राफ्ट मतदाता सूची’ का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक नागरिक सूची पर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी पात्र युवा का नाम छूट गया है या किसी के नाम-पते में संशोधन की जरूरत है, तो वह निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन कर सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिले में 7,49,607 पंजीकृत मतदाता हैं। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (एएसडीडी) श्रेणी में चिन्हित 64,103 वोटों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी जायज वोटर का नाम गलती से न कट जाए। इसके लिए जिले में 35 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी तैनात किए गए हैं। अटेली, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्रों में 8-8 तथा नारनौल विधानसभा क्षेत्र में 11 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस भेजकर सुनवाई करेंगे, जिनकी मैपिंग 2002 की मतदाता सूची से मैच नहीं हो पा रही है।

उन्होंने बताया कि आयोग ने दावों और आपत्तियों के अंतिम निपटारे के लिए 31 जुलाई से 28 सितंबर तक का समय तय किया है। यदि कोई नागरिक सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसके पास निर्वाचक पंजीयन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के समक्ष अपील दायर करने का अधिकार रहेगा।

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